Apple ने उइगर मुस्लिमो पर हुए iPhone हैकिंग अटैक को स्वीकारा लेकिन Google की फाइंडिंग रिपोर्ट को नकारा

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Saturday, September 7, 2019-5:39 PM

गैजेट डेस्क : Apple ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की कि चीन के उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यक समूह जो देश द्वारा सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है, सिक्योरिटी फ्लॉ के कारण iPhone हैकिंग अटैक का निशाना बने थे। लेकिन एप्पल ने विवादित प्रतिद्वंद्वी गूगल के आईफोन यूज़र्स को वास्तविक रूप से ट्रैक करने वाली फाइंडिंग रिपोर्ट को नकार दिया है। 

 

गूगल प्रोजेक्ट ज़ीरो के रिसर्चर्स ने पिछले सप्ताह कहा था कि पांच तकीनीकी सुरक्षा खामियों के कारण "कम से कम दो वर्षों की अवधि में कुछ चीनी अल्पसंख्यक समुदायों में लोगों के आईफ़ोन को हैक करने का निरंतर प्रयास किया गया था।"

 

सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने समुदायों का नाम नहीं बतलाया लेकिन सीएनएन, टेकक्रंच और अन्य समाचार संगठनों ने बताया कि इन हैकिंग अटैक्स का उद्देश्य उइगर मुसलमानो की निगरानी करना था। न्यूज़ एजेंसी रायटर ने हाल ही में बताया कि चीन ने उइगर यात्रियों की जासूसी करने के लिए एशियाई दूरसंचार कंपनियों को हैक कर लिया था।

 


गूगल के ब्लॉग पोस्ट का जवाब एप्पल ने नेवसरूम पोस्ट से दिया 

 

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Apple ने शुक्रवार को कहा कि हमले "संकीर्ण रूप से केंद्रित थे" और इस अटैक में एक दर्जन से भी कम वेबसाइटों को प्रभावित किया गया जो गूगल रिसर्चर्स  द्वारा वर्णित iPhone यूज़र्स के "एन मस्से (en messe)"  हैक के बजाय उइघुर समुदाय से संबंधित कंटेंट पर ध्यान केंद्रित करते हैं। Apple ने यह भी कहा कि उसने फरवरी में इस इशू को ठीक कर दिय था वह भी गूगल द्वारा अधिसूचित किए जाने के 10 दिनों के भीतर।

 

ऐप्पल ने कहा कि Google के रिसर्चर्स ने जो दो साल की अवधि का खुलासा किया था, उसके बजाय वेबसाइट के हमलों के केवल दो महीने तक चलने का सबूत दिया है।

 

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"Google की पोस्ट, iOS पैच जारी होने के छह महीने बाद जारी की गई," वास्तविक समय में संपूर्ण आबादी की निजी गतिविधियों की निगरानी करने के लिए "बड़े पैमाने पर शोषण" कीझूठी छवि बनाता है, "सभी iPhone उपयोगकर्ताओं के बीच डर है कि उनके डिवाइसिस की सिक्योरिटी से समझौता किया गया था,जबकि यह मामला कभी था ही नहीं।" Apple ने एक न्यूज़रूम पोस्ट में कहा। 

 

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एक बयान में, Google ने कहा कि वह अपने निष्कर्षों पर अडिग हैऔर खामियों को खोजने और ठीक करने के लिए Apple और अन्य कंपनियों के साथ काम करना जारी रखेगा।  अब इसके बाद एप्पल और गूगल के बीच चलने वाली टेक्निकल वॉर अगले चरण तक जाने के लिए तैयार है लेकिन इन दोनों दिग्गज कंपनियों के बीच सामंजस्य कभी भी बैठ नहीं सकता है। 


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