फर्जी सिम और IMEI से छेड़छाड़ करने वालों पर कसेगा शिकंजा, 3 साल की जेल और 50 लाख तक जुर्माना

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Monday, September 21, 2026-10:56 PM

नई दिल्लीः सरकार ने गैरकानूनी तरीके से मोबाइल सिम कार्ड जारी करने और मोबाइल हैंडसेट की अंतररष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आईएमईआर) नंबर के साथ छेड़छाड़ करने वालों को आगाह करते हुए उन्हें सख्त सजा के प्रावधानों की याद दिलाई है। दूरसंचार मंत्रालय ने नागरिकों को अपने मोबाइल कनेक्शनों और हैंडसेट की सुरक्षा एवं सत्यापन के लिए संचार साथी पोटर्ल और मोबाइल ऐप का उपयोग करने की सलाह दी है।

दूरसंचार विभाग के मध्य प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र (एलएसए) ने फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी किए जाने के मामलों के खिलाफ कड़ी कारर्वाई का हवाला देते हुए कहा है कि ' फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करना, दूरसंचार पहचान से जुड़ी चीजों का दुरुपयोग करना या आईएमईआई नंबरों में छेड़छाड़ करना दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे उल्लंघनों के लिए तीन वर्ष तक की कैद और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।'

हाल ही में साइबर अपराध जांच में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें छत्तीसगढ़ में एक प्वाइंट ऑफ सेल एजेंट ने लोगों की जानकारी या सहमति के बिना उनके पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके 25 मोबाइल कनेक्शन (सिम) अवैध रूप से सक्रिय किए थे। दूरसंचार विभाग और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने संबंधित पीओएस को तुरंत काम से हटा कर प्रतिबंधित कर दिया तथा भविष्य में उसे मोबाइल कनेक्शन (सिम) जारी करने से रोक दिया गया। इनमें पुन: सत्यापन में विफल रहे नंबरों को निष्क्रिय कर दिया गया है।

दूरसंचार विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि वे अपने नाम से जारी किए गए सिम कार्ड साझा न करें या स्थानांतरित न करें क्योंकि सिम का दुरुपयोग पाए जाने पर कानूनी दायित्व मूल ग्राहक पर आ सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे‘संचारसाथी'पोटर्ल और मोबाइल ऐप के माध्यम से नियमित रूप से अपने मोबाइल कनेक्शन की जांच करें।

विभाग ने कहा है कि लोगों को ऐसे मॉडेम, मॉड्यूल, सिम बॉक्स या अन्य ऐसे उपकरण जिनका आईएमईआई नंबर बदला जा सकता है या जिनमें छेड़छाड़ की जा सकती है, उनका उपयोग न करें या उन्हें असेंबल न करायें। लोगों को जाली दस्तावेजों, धोखाधड़ी और जालसाजी से सिम कार्ड प्राप्त करने,अपने नाम से प्राप्त सिम काडरं को ऐसे लोगों को हस्तांतरित करने, बेचने या सौंपने से बचने की सलाह दी गई है जो उनका दुरुपयोग कर सकते हैं। 

विभाग ने याद दिलाया है कि कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी या दूरसंचार पहचान से जुड़ी अन्य चीजों को बदलने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट या किसी अन्य माध्यम का उपयोग करना , अपने नाम से सिम कार्ड प्राप्त करना और बाद में साइबर धोखाधड़ी या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में दुरुपयोग के लिए सिम कार्ड को उधार देना, किराए पर देना या उसका दुरुपयोग करना भी कानूनी द्दष्टि से गलत है। और इससे मूल ग्राहक के लिए कानूनी दायित्व उत्पन्न हो सकता है। विभाग ने आगाह किया है कि छेड़छाड़ किए गए आईएमईआई नंबर वाले उपकरणों का उपयोग करना, धोखाधड़ी के माध्यम से सिम काडर् प्राप्त करना या सिम काडर् को ऐसे व्यक्तियों को हस्तांतरित करना जो उनका दुरुपयोग करते हैं, इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। 


Edited by:Pardeep

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