स्मार्टफोन्स में मालवेयर इंस्टाल कर रहा FaceApp का फेक वर्जन

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Monday, July 22, 2019-5:31 PM

- भूलकर भी ना करें फोन में इंस्टाल

गैजेट डैस्क : इन दिनों सोशल मीडिया पर FaceApp दुनिया भर में वायरल हो रही है। सिलेब्रिटीज़ से लेकर आम यूजर तक हर कोई इस एप का इस्तेमाल कर अपने बुढ़ापे की तस्वीर को देख रहा है और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यूजर्स को शिकार बनाने के लिए इस एप का फेक वर्जन उपलब्ध कर दिया गया है जो यूजर के फोन को मालवेयर से प्रभावित कर रहा है। 

  • यूजर्स गलती से इस फेक वर्जन को सर्टिफाइड फेसएप समझ कर डाउनलोड कर रहे हैं और अपने स्मार्टफोन में इंस्टाल कर रहे हैं, लेकिन यह एक मालवेयर है जो यूजर्स को नुक्सान पहुंचा रहा है।

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इस तरह बनाया गया यह मालवेयर

फोर्ब्स ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी देते हुए बताया है कि साइबर सिक्यॉरिटी कम्पनी Kaspersky Labs ने जब रिसर्च की तो पता चला कि 'MobiDash' नाम के ऐडवेयर के इस्तेमाल से इस मैलवेयर को फेसएप की शक्ल दी गई है और यह हूबहू असली फेसएप की तरह ही दिखता है जिससे यूजर भी इसे असली एप ही समझ कर डाउनलोड कर रहे हैं। 

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यूजर्स को है अपनी प्राइवेसी की चिंता

फेसएप को लेकर कई तरह की नकारात्मक खबरें सामने आई हैं जिसके बाद यूजर्स को अपनी प्राइवेसी की चिंता होने लगी है। फ्रेंच सिक्यॉरिटी रिसर्चर एलियॉट ऐंडरसन ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए जानकारी देते हुए बताया है कि यूजर फेसएप के अस्पष्ट नियमों को लेकर नाराज हो रहे हैं लेकिन अधिकतर एप ऐसे ही नियम और शर्तों के साथ आते हैं। अगर यूजर इनके बारे में एक बार भी पढ़ लें तो उन एप्स को तुरंत ही अनइंस्टॉल कर देंगे। उदाहरण देते हुए उन्होंने स्नैपचैट का नाम लिया है। 

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  • फेसएप को वर्ष 2017 में लॉन्च किया गया था और अब यह अपने ओल्ड फिल्टर की वजह से वायरल हो गई है। ढेर सारे यूजर्स और सिलेब्रिटीज़ ने भी अपनी फोटो पर ओल्ड फिल्टर लगाकर सोशल मीडिया पर बुढ़ापे की तस्वीरें शेयर की हैं। 
     

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