रिसर्च का दावा, 93 प्रतिशत पोर्न साइट्स लीक कर रहीं यूजर्स का डाटा

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Friday, July 19, 2019-5:02 PM

गैजेट डैस्क : अगर आप ऑनलाइन पोर्न देखते हैं तो यह खबर आपके साथ जुड़ी हुई है। दुनिया भर में करोड़ों लोग पोर्न देखते समय यह सोचते हैं कि उन्हें कोई देख नहीं रहा लेकिन असल में यह गलत है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ज्यादा तर पोर्न साइट्स वीडियो देखते समय आपकी जानकारी लीक कर रही हैं, वहीं यूजर की एक्टिविटी को भी ट्रैक किया जाता है जिससे आपकी प्राइवेसी का खतरा पैदा हो गया है।

  • पोर्न वैबसाइट्स पर गहन रिसर्च करने के बाद रिसर्चर्स को हैरान कर देने वाले परिणाम हाथ लगे हैं। इस स्टडी में दुनियाभर की 22,484 अडल्ट कॉन्टेंट वाली वेबसाइट्स को स्कैन किया गया जिनमें से 93 प्रतिशत वैबसाइट्स यूजर का डाटा थर्ड पार्टी कम्पनियों को लीक कर रहीं थीं।  

ट्रैकिंग में सबसे आगे गूगल और ऑरेकल

रिपोर्ट में बताया गया है कि गूगल और उसकी सहायक कंपनियां 74 प्रतिशत पॉर्न वैबसाइट्स को ट्रैक कर रही थीं। इसके अलावा सॉफ्टवेयर डिवेलपर कम्पनी ऑरेकल को भी 24 प्रतिशत पॉर्न साइट्स को ट्रैक करते हुए पाया गया है। 

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फेसबुक भी कर रही ट्रैकिंग

दुनिया भर में लोगों का लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक भी पोर्न वैबसाइट्स को ट्रैक करने में पीछे नहीं है। रिसर्चर्स ने बताया है कि हर 10 वैबसाइट्स में से 1 पॉर्न साइट को ट्रैक फेसबुक भी कर रही है। 

बिना प्राइवेसी पॉलिसी के काम कर रही पोर्न साइट्स

सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि दुनिया भर में सिर्फ 17 प्रतिशत पोर्न साइट्स ऐसी हैं जो प्राइवेसी पॉलिसी को फॉलो करती हैं। वहीं अन्य वैबसाइट्स पर जो प्राइवेसी पॉलिसी लिखी भी हुई है उसे समझना लगभग नामुमकिन है।

  • इस स्टडी में अहम भूमिका निभाने वाली ऐलेना मैरिस जोकि माइक्रोसॉफ्ट की एक रिसर्चर भी हैं ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि जिस तरह पोर्न वैबसाइट्स यूजर को ट्रैक कर रही हैं उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूजर्स की प्राइवेसी को कितना खतरा है। उन्होंने बताया कि पॉर्न देखना काफी निजी ऐक्टिविटी है इसे ट्रैक करना कभी भी सही साबित नहीं हो सकता है। पोर्न साइट पर जाने वाले व्यक्ति को यह हरगिज पता नहीं होता है कि उसे टैक्नोलॉजी कम्पनियां भी ट्रैक कर रही हैं।

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कहां जा रहा यूजर का डाटा

रिसर्चर्स का कहना है कि हो सकता है कि गूगल और फेसबुक पॉर्नोग्रफी वेबसाइट्स से इकट्ठा किए गए यूजर्स के डाटा का इस्तेमाल अपने एडवरटाइजिंग प्रोफाइल डिवेलप करने के लिए करती हों, लेकिन यह एक अनुमान है।

गूगल व फेसबुक कर रही ट्रैकिंग करने से इनकार

गूगल की एक प्रवक्ता ने न्यू यॉर्क टाइम्स को अपने बयान में कहा है कि हम यूजर की ऑनलाइन ऐक्टिविटी के आधार पर एडवरटाइजिंग प्रोफाइल डिवैल्प करने की बात पर यकीन नहीं रखते हैं। किसी भी अडल्ट कॉन्टेंट वाली वेबसाइट पर हम गूगल ऐड्स दिखाने के सख्त खिलाफ हैं। वहीं फेसबुक ने भी इसी तरह का जवाब दिया है। फेसबुक ने कहा है कि बिजनेस के लिए अडल्ट वेबसाइट को ट्रैक करना हमारी कम्पनी इसकी अनुमति नहीं देती है। 

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इस तरह चोरी होता है डाटा

आपको बता दें कि ऑनलाइन ट्रैकिंग में उन यूजर्स को ट्रैक किया जाता है जो हर रोज एक ही पोर्न वैबसाइट को ओपन करते हैं। बार-बार एक ही वैबसाइट ओपन करने पर वैबसाइट छोटी टेक्स्ट फाइल या कूकीज़ आपके स्मार्टफोन में डाउनलोड कर देती हैं और इसके बारे में आपको कुछ पता नहीं चलता। इसके जरिए ट्रैकिंग आसान हो जाती है और यूजर किसी भी साइट पर जाता है तो उसका पता लगाया जा सकता है। इसी इकट्ठा किए डाटा के आधार पर कम्पनियां आपको रूची के हिसाब से विज्ञापन दिखाती हैं। 


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