कैसे अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से 400Km ऊपर $150 बिलियन के अंतरिक्ष स्टेशन को एक टीबैग से बचा लिया

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Friday, October 15, 2021-12:08 PM

गैजेट डेस्क: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर कई कारणों को लेकर खतरा मंडराने लगा है जिनमें से प्रमुख कारण इसकी उम्र है। वर्ष 2020 में एक मॉड्यूल में हुए एक छेद को ठीक करने के लिए एक टीबैग का इस्तेमाल किया गया जिससे अंतरिक्ष स्टेशन पर एक बड़ी आपदा को रोकने में मदद मिली। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के एक मॉड्यूल में लीक सामने आया जोकि पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर उड़ रहा था है। इस दौरान मॉड्यूल से हवा का रिसाव होना शुरू हो गया और अंदाजा लगाया गया कि महज 93 मिनट में सारी अंदर की हवा लीक हो जाएगी।

आपको बता दें कि वैसे तो स्टेशन 250 ग्राम हवा प्रतिदिन खो देता है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता, इस रिसाव से तेजी से अंदर की हवा बाहर निकल रही थी।

अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS पर लीकेज का पता कैसे लगाया
जैसे ही दिन बीतते गए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को हर दिन एक किलोग्राम से अधिक की हवा का नुकसान होने लगा। इस स्टेशन में आमतौर पर विभिन्न देशों के अंतरिक्ष यात्री - यूएसए, जापान, रूस, कनाडा और यूरोप आमतौर सवार होते हैं। जब रिसाव हुआ, तो उन्हें स्टेशन में इसके स्रोत की तलाश करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इसके स्रोत का पता लगाने के लिए, उन्होंने सभी मॉड्यूल को सील कर दिया और स्टेशन के रूसी ज़्वेज़्दा नामक हिस्से में जमा हो गए। अंत चार दिनों में इस लीक को लेकर अंतरिक्ष स्टेशन के प्रत्येक खंड का परीक्षण किया गया। अंतरिक्ष यात्रियों को तब एहसास हुआ कि वे जिस मॉडल की टैस्टिंग का इंतजार कर रहे थे वह ही लीक हो रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 2000 में लॉन्च किया गया Zvezda मॉड्यूल ISS पर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अंतरिक्ष स्टेशन पर आपात स्थिति के मामले में इस्तेमाल में लाने के लिए बनाया गया है।

अब आया टीबैग!
अक्टूबर 2020 में, रूसी अंतरिक्ष यात्री अनातोली इविनिशिन ने एक टीबैग का उपयोग करके उस दिन सभी की जान बचाई। Zvezda मॉड्यूल में कुछ कैमरे लगाने के बाद, रशियन ऐस्ट्रनॉट कॉस्मोनॉट ने टीबैग को खोल दिया और उसके दरवाजों को सील कर दिया। कुछ देर बाद उन्होंने देखा कि चाय की पत्तियां अंतरिक्ष स्टेशन की धातु की दीवार पर एक छोटे से स्क्रैच की ओर धीरे-धीरे तैर रही हैं।

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यह कोई स्क्रैच नहीं था बल्कि एक क्रैक था जहां से अंतरिक्ष स्टेशन से हवा निकल रही थी। जिन्हें टेप और फोम का उपयोग करके मौके पर ही सील कर दिया गया। बाद में, अंतरिक्ष यात्रियों ने रोस्कोस्मोस कोर्पोरेशन के अनुसार, एक ड्रिल का उपयोग करके और सीलिंग पेस्ट लगाकर छेद को पूरी तरह से सील कर दिया।

$150 बिलियन की लागत से बनाया गया है ISS
आपको बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कीमत बहुत ज्यादा है। इसे 20 नवंबर, 1998 को लॉन्च करने से पहले $150 बिलियन की लागत से बनाया गया था। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को मेनटेन रखने के लिए प्रत्येक वर्ष लगभग 3-4 बिलियन डॉलर की लागत आती है। स्टेशन में देखी गई दरारें या तो धातु के थकान या छोटे उल्कापिंडों के कारण हुईं हैं।

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