इंटैल प्रोसैसर्स पर हुआ ZombieLoad Attack, 2011 के बाद बने सभी प्रोसैसर्स हुए प्रभावित

  • इंटैल प्रोसैसर्स पर हुआ ZombieLoad Attack, 2011 के बाद बने सभी प्रोसैसर्स हुए प्रभावित
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Friday, May 17, 2019-5:20 PM

- लाखों यूजर्स का डाटा लीक होने का खतरा

गैजेट डैस्क : अगर आपका कम्पयूटर इंटैल प्रोसैसर पर काम कर रहा है तो यह खबर आपको चौंका देगी। इंटैल प्रोसैसर्स में एक ऐसे सिक्योरिटी बग का पता लगाया गया है जो हैकर्स को आपके कम्पयूटर में सेव डाटा तक पहुंच बनाने की अनुमति दे रहा है। इस नए बग का नाम ZombieLoad है जिसने लाखों कम्पयूटर्स को प्रभावित कर दिया है। इसका पता उन्हीं रिसर्चर्स द्वारा लगाया गया जिन्होंने पहले इंटैल प्रोसैसर्स में स्पैक्टर और मैल्टडाउन बग का पता लगाया था।

  • रिसर्चर्स ने बताया है कि ZombieLoad बग ने वर्ष 2011 से बनाए गए इंटेल प्रोसैसर्स को प्रभावित किया है। इनमें बड़ी मात्रा में विंडोज PCs, लाइनैक्स सर्वर्स, मैकबुक्स और क्रोमबुक्स प्रभावित हुई हैं। लेकिन AMD और ARM चीप्स को सेफ बताया गया है।
  • टीम के एक रिसर्चर क्रिस्टियानो गिउफ्रीडा ने कहा है कि CPU की मदद से नैटवर्क स्थापित होता है। इसी नैटवर्क के जरिए ही बग का फायदा उठाकर हैकर्स आपके कम्पयूटर के डाटा को एक्सचैंज कर लेते हैं। 

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इंटेल ने दिया बयान

इंटैल प्रोसैसर्स के बग की चपेट में आने की खबरों पर इंटैल ने बयान देते हुए कहा है कि लेटैस्ट 8वीं जनरेशन और 9वीं जनरेशन के CPUs को इस खामी से प्रोटैक्ट किया गया हैं। हमें उम्मीद है कि भविष्य में सभी प्रोसैसर्स को इस तरह की सुरक्षा खामियों से प्रोटैक्ट किया जाएगा। हालांकि जिन शोधकर्ताओं ने इस बग को उजागर किया है, वे इस बात से असहमति जता रहे हैं।

हैकर्स चुरा सकते हैं आपके डाक्यूमेंट्स 

हैकर्स ZombieLoad बग का फायदा उठा कर यूजर के पासवर्ड्स और कॉन्फिडेंशियल डाक्यूमेंट्स आदि को चुरा सकते हैं। वहीं रियल टाइम पर चल रही कम्पयूटर की स्क्रीन को भी एक्सैस कर सकते हैं। 

CPU की परफोर्मेंस पर पड़ेगा नकारात्मक असर

खैर अच्छी बात है कि इस समस्या का पता लगने के बाद इंटैल, एप्पल, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने एक पैच फाइल को रिलीज किया है जो इस खामी को फिक्स करने में मदद करेगी। लेकिन इसका CPU परफोर्मेंस पर थोड़ा नकारात्मक असर पड़ेगा। 

  • इंटैल ने कहा है कि इस फाइल को अपडेट करने के बाद कंज्यूमर डिवाइसिस 3 प्रतिशत तक स्लो हो जाएंगी वहीं डाटा सैंटर मशीन्स 9 प्रतिशत तक स्लो हो जाएंगी। लेकिन रिस्क को देखते हुए इस फाइल को अपडेट करना ही सही निर्णय रहेगा। 

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