खेतों की निगरानी करने के काम आएंगे Robot farmers

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Sunday, December 16, 2018-4:59 PM

- टैक्नोलॉजी की मदद से खेतीबाड़ी में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
- लागत में होगी कमी
- बढ़ती जनसंख्या की जरूरत भी होगी पूरी

गैजेट डेस्क- खेतों की निगरानी करने के लिए अब ऐसे रोबोट्स तैयार किए गए हैं जो चलाने में लेबर से सस्ते पड़ेंगे व सटीक जानकारी मालिक के स्मार्टफोन तक पहुंचाएंगे जिससे फसल की उपज में वृद्धि होगी। इन टॉम व हैरी नामक एग्रीकल्चर रोबोट्स को स्माल रोबोट नामक कम्पनी द्वारा बनाया गया है। फिलहाल 2.5 एकड़ गेहूं के खेत पर इनका टैस्ट किया जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि यह ऑटोमैटिक रोबोट कृषि दक्षता में कैसे वृद्धि कर सकते हैं।
PunjabKesariलेबर से बेहतर हैं रोबोट्स
रोबोट कृषि में मदद करेने के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं और इससे लेबर के खर्चे को भी कम किया जा सकता है। रोबोट इंसान की तुलना में बड़े क्षेत्र में काम कर सकते हैं व रात के समय में भी इनका उपयोग किया जा सकता है लेकिन खरीदने में यह महंगे हो सकते हैं।

सफल रही टैस्टिंग
उदाहरण देते हुए बताया गया कि इन रोबोट्स को इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर मौजूद एक Hampshire नामक जगह पर सफलतापूर्वक टैस्ट किया गया है। इस दौरान 10 किलोग्राम वजनी टॉम नाम के इस रोबोट में कैमरे लगाए गए और इसने खेत में घूमते-घूमते एक मिनट के अंदर ही खेत का मैप तैयार कर लिया। कम्पनी ने बताया है कि ऐसा मशीन लर्निंग की मदद से सम्भव हुआ है और इस डाटा को खेत की निगरानी करने वाले अन्य रोबोट्स में भी उपलब्ध किया जाएगा। 

पौधों पर कीटनाशकों को स्प्रे करने में मिलेगी मदद
इन रोबोट्स की मदद उर्वरक व कीटनाशकों को हर पौधे पर स्प्रे किया जा सकेगा जिससे 40 प्रतिशत तक मुनाफा बढ़ेगा व 60 प्रतिशत तक लागत में कमी होगी। इन्हें Wilma नाम के AI सिस्टम पर तैयार किया गया है जो फार्म मैनेजमेंट तकनीक से तीन रोबोट्स को एक खेत की निगरानी करने में मदद करेगा। 
PunjabKesariउत्पादकता में होगी वृद्धि
इस नई टैक्नोलॉजी को खेती के लिए काफी क्रांतिकारी कहा गया है। इसे असल में ह्यूमन लेबर को रिप्लेस करने के लिए नहीं बल्कि उत्पादकता को बढ़ावा देने व सटीकता में वृद्धि करने के लिए बनाया गया है। फिलहाल इस तकनीक को सबसे पहले आने वाले समय में ब्रिटिश खेती के लिए उपयोग में लाया जाएगा उसके बाद ही यह अन्य देशों तक पहुंचेगी।

कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जिसके बिना निश्चित रूप से समाज नहीं रह सकता। स्माल रोबोट कम्पनी का कहना है कि धीरे-धीरे खेती की लागत बढ़ रही है और अनुमानित यह 8 प्रतिशत हर वर्ष हो गई है। जनसंख्या के बढ़ने पर फसल की जरूरत काफी बढ़ गई है इसी वजह से बहुत सारे किसान दबाब में हैं, लेकिन इन रोबोट्स को बनाया गया है जो आने वाले समय में फसल की उपज में मदद करेंगे। 


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