दुनिया का सबसे बड़ा इलैक्ट्रिक व्हीकल, शहर को साफ रखने में करेगा मदद

  • दुनिया का सबसे बड़ा इलैक्ट्रिक व्हीकल, शहर को साफ रखने में करेगा मदद
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Saturday, August 31, 2019-6:17 PM

- कंस्ट्रक्शन के दौरान भी कर सकेंगे उपयोग

- भारी भरकम सामान ले जाने की क्षमता

गैजेट डैस्क : शहरों के अंदरूनी भागों से कचरा उठाने के लिए डीजल से चलने वाले डंप ट्रकों का उपयोग होता है, यह सुबह-सुबह ही शहर के अंदर प्रदूषण फैला देते हैं जिससे राहगीरों को सड़क पर प्रदूषित हवा का सामना करना पड़ता है। 

  • प्रदूषण की बढ़ रही समस्या को लेकर अब दुनिया के सबसे बड़े इलैक्ट्रिक डम्प ट्रक को तैयार किया गया है जो चार्ज होकर काम करेगा और बिना शोर और प्रदूषण किए कचरा उठाएगा। EDumper की एक और खासियत यह भी है कि इसे इतना पावरफुल बनाया गया है कि कंस्ट्रक्शन के दौरान भारी भरकम सामान को लाने-ले जाने के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है। 

सफल रहा टैस्ट

इस ऑल इलैक्ट्रिक डंप ट्रक को हेमबर्ग ई-माइनिंग, इम्पा, बर्न यूनिवर्सिटी ऑफ अपलाइड साइंस और NTB इंटरस्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्नोलॉजी बुच्स की टीम्स ने साथ मिल कर तैयार किया है। EDumper को तैयार करने के लिए Komatsu HD605-7 ट्रक लिया गया जिसमें से 23 लीटर की डीजल मोटर को इलैक्ट्रिक मोटर्स के साथ रिप्लेस कर दिया गया और इन्हें एक monster 600-kWh के बैटरी पैक के साथ अटैच किया गया। 

  • EDumper को स्विट्जरलैंड के शहर ज़्यूरिख़ के इर्द-गिर्द 100 किलोमीटर तक टैस्ट किया गया है जोकि सफल रहा है।

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टीम्स के सामने थी बहुत बड़ी चुनौती

EDumper को तैयार करने के लिए इसकी निर्माता टीम्स के सामने बैटरी के जरिए जरूरत के हिसाब से पावर जनरेट करने की बहुत बड़ी चुनौती थी, लेकिन टीम्स ने चुनौती को स्विकार करते हुए इसे काफी पावरफुल बना दिया। आपको बता दें कि EDumper 60 टन चट्टानों को ढोने की क्षमता रखता है और यह इतना भार कैरी कर उसे पहाड़ पर भी चढ़ा सकता है। 

रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम

एक बार फुल चार्ज कर ज्यादा किलोमीटर तक इसे लगातार चलाने के लिए इसमें रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम को अटैच किया गया है। यह तकनीक ब्रेक लगाने पर जो पावर पैदा होगी उसे बैटरी में स्टोर करने में मदद करती है। इसे खास तौर पर किसी पहाड़ से नीचे की ओर आते समय बिजली पैदा करने के लिए लगाया गया है। 

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टीम लीडर ने दिया बयान

EDumper को तैयार करने वाली टीम्स को लीड कर रहे डेर स्पीगल ने कहा है कि EDumper को अगर 10 वर्षों तक उपयोग किया जाए तो इससे 300,000 टन पत्थरों को ढोया जा सकता है। इसके जरिए 1,300 टन CO2 को वातावरण में जाने से रोका जा सकेगा वहीं 1,32,000 गैलन (लगभग 4,99,674.355 लीटर) डीजल को जलने से बचाया जा सकेगा। 

डीजल डम्पर से 2.5 गुणा महंगी कीमत

EDumper की कीमत की बात की जाए तो इसे डीजल ट्रक से 2.5 गुणा महंगा बताया जा रहा है। वहीं इसके लिए खास तरह के चार्जिंग स्टेशन्स को लगाने की भी जरूरत है। लेकिन प्रदूषण की बढ़ रही समस्या पर ध्यान देते हुए इसे एक अच्छा समाधान कहा जा सकता है।
 


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